होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है
इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले
बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले
मेरी इच्छाएँ हज़ारों हैं, और हर इच्छा इतनी तीखी है कि जैसे साँस ही रुक जाए।
मेरे बहुत से अरमान पूरे हुए, फिर भी मन को वे कम लगे।
यह शेर मनुष्य की न खत्म होने वाली चाहत और अतृप्ति को दिखाता है। “दम निकलना” एक रूपक है, जो बताता है कि इच्छा की तीव्रता इंसान को भीतर तक थका देती है। फिर भी, जब कई अरमान पूरे हो जाते हैं, तब भी संतोष नहीं मिलता, क्योंकि दिल की माँगें लगातार बढ़ती रहती हैं।
बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं
तुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं
हम उन कदमों की आहट बहुत पहले ही समझ लेते हैं।
ऐ ज़िंदगी, हम तुम्हें दूर से ही पहचान लेते हैं।
कवि कहता है कि अनुभव के कारण वह आने वाली बात को पहले ही भांप लेता है। “कदमों की आहट” ज़िंदगी के दुख-सुख, उसकी जिम्मेदारियाँ और बार-बार लौटने वाले हालात का संकेत है। ज़िंदगी से सीधे बात करके वह जताता है कि अब उसे कोई भ्रम नहीं रहता। भाव में थकान, समझ और स्वीकार का मेल है।
आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक
कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक
एक दिल से निकली आह को अपना असर दिखाने के लिए पूरी उम्र चाहिए होती है।
लेकिन तुम्हारी उलझी हुई ज़ुल्फ़ों के सुलझने तक भला कौन जीवित रह सकता है?
शायर कहता है कि प्रेम की पुकार का असर होने में बहुत लंबा समय लगता है, जबकि इंसान की ज़िंदगी बहुत छोटी है। प्रेमिका की 'ज़ुल्फ़ों के सर होने' यानी प्रेम की जटिलताओं के सुलझने तक, इंतज़ार करने वाला प्रेमी जीवित ही नहीं बचता। यह शेर इंसान की मजबूरी और समय की कमी को दर्शाता है।
झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं
दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं
बे-नाम सा ये दर्द ठहर क्यूँ नहीं जाता
जो बीत गया है वो गुज़र क्यूँ नहीं जाता
तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो
क्या ग़म है जिस को छुपा रहे हो
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है
सरकती जाए है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता
निकलता आ रहा है आफ़्ताब आहिस्ता आहिस्ता
कोई फ़रियाद तिरे दिल में दबी हो जैसे
तू ने आँखों से कोई बात कही हो जैसे
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मेरे जैसे बन जाओगे जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा
दीवारों से सर टकराओगे जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा
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तेरे आने की जब ख़बर महके
तेरी ख़ुशबू से सारा घर महके