आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "aa.ii"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "aa.ii"
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "aa.ii"
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "aa.ii"
शेर
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आई
मैं घर में सब से छोटा था मिरे हिस्से में माँ आई
मुनव्वर राना
ग़ज़ल
शाम-ए-फ़िराक़ अब न पूछ आई और आ के टल गई
दिल था कि फिर बहल गया जाँ थी कि फिर सँभल गई
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
शेर
आज बहुत दिन ब'अद मैं अपने कमरे तक आ निकला था
जूँ ही दरवाज़ा खोला है उस की ख़ुश्बू आई है














