संपूर्ण
परिचय
ग़ज़ल47
नज़्म31
शेर46
ई-पुस्तक353
टॉप 20 शायरी 20
चित्र शायरी 10
ऑडियो 8
वीडियो51
मर्सिया2
क़ितआ2
रुबाई35
क़िस्सा18
गेलरी 3
ब्लॉग1
जोश मलीहाबादी के शेर
दिल की चोटों ने कभी चैन से रहने न दिया
जब चली सर्द हवा मैं ने तुझे याद किया
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
दिल की चोटों ने कभी चैन से रहने न दिया
जब चली सर्द हवा मैं ने तुझे याद किया
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मुझ को तो होश नहीं तुम को ख़बर हो शायद
लोग कहते हैं कि तुम ने मुझे बर्बाद किया
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मुझ को तो होश नहीं तुम को ख़बर हो शायद
लोग कहते हैं कि तुम ने मुझे बर्बाद किया
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है
उम्र का बेहतरीन हिस्सा है
-
टैग : बचपन
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है
उम्र का बेहतरीन हिस्सा है
-
टैग : बचपन
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
इस का रोना नहीं क्यूँ तुम ने किया दिल बर्बाद
इस का ग़म है कि बहुत देर में बर्बाद किया
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
इस का रोना नहीं क्यूँ तुम ने किया दिल बर्बाद
इस का ग़म है कि बहुत देर में बर्बाद किया
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
हद है अपनी तरफ़ नहीं मैं भी
और उन की तरफ़ ख़ुदाई है
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
हद है अपनी तरफ़ नहीं मैं भी
और उन की तरफ़ ख़ुदाई है
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
एक दिन कह लीजिए जो कुछ है दिल में आप के
एक दिन सुन लीजिए जो कुछ हमारे दिल में है
-
टैग : इज़हार
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
एक दिन कह लीजिए जो कुछ है दिल में आप के
एक दिन सुन लीजिए जो कुछ हमारे दिल में है
-
टैग : इज़हार
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
किसी का अहद-ए-जवानी में पारसा होना
क़सम ख़ुदा की ये तौहीन है जवानी की
-
टैग : जवानी
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
किसी का अहद-ए-जवानी में पारसा होना
क़सम ख़ुदा की ये तौहीन है जवानी की
-
टैग : जवानी
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
काम है मेरा तग़य्युर नाम है मेरा शबाब
मेरा ना'रा इंक़िलाब ओ इंक़िलाब ओ इंक़िलाब
-
टैग : इंक़िलाब
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
काम है मेरा तग़य्युर नाम है मेरा शबाब
मेरा ना'रा इंक़िलाब ओ इंक़िलाब ओ इंक़िलाब
-
टैग : इंक़िलाब
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
तबस्सुम की सज़ा कितनी कड़ी है
गुलों को खिल के मुरझाना पड़ा है
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
तबस्सुम की सज़ा कितनी कड़ी है
गुलों को खिल के मुरझाना पड़ा है
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
उस ने वा'दा किया है आने का
रंग देखो ग़रीब ख़ाने का
-
टैग : स्वागत
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
उस ने वा'दा किया है आने का
रंग देखो ग़रीब ख़ाने का
-
टैग : स्वागत
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
इंसान के लहू को पियो इज़्न-ए-आम है
अंगूर की शराब का पीना हराम है
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
इंसान के लहू को पियो इज़्न-ए-आम है
अंगूर की शराब का पीना हराम है
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
कश्ती-ए-मय को हुक्म-ए-रवानी भी भेज दो
जब आग भेज दी है तो पानी भी भेज दो
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
कश्ती-ए-मय को हुक्म-ए-रवानी भी भेज दो
जब आग भेज दी है तो पानी भी भेज दो
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
सिर्फ़ इतने के लिए आँखें हमें बख़्शी गईं
देखिए दुनिया के मंज़र और ब-इबरत देखिए
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
सिर्फ़ इतने के लिए आँखें हमें बख़्शी गईं
देखिए दुनिया के मंज़र और ब-इबरत देखिए
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
हम ऐसे अहल-ए-नज़र को सुबूत-ए-हक़ के लिए
अगर रसूल न होते तो सुब्ह काफ़ी थी
-
टैग : सुबह
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
हम ऐसे अहल-ए-नज़र को सुबूत-ए-हक़ के लिए
अगर रसूल न होते तो सुब्ह काफ़ी थी
-
टैग : सुबह
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
वहाँ से है मिरी हिम्मत की इब्तिदा वल्लाह
जो इंतिहा है तिरे सब्र आज़माने की
-
टैग : सब्र
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
वहाँ से है मिरी हिम्मत की इब्तिदा वल्लाह
जो इंतिहा है तिरे सब्र आज़माने की
-
टैग : सब्र
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
सुबूत है ये मोहब्बत की सादा-लौही का
जब उस ने वादा किया हम ने ए'तिबार किया
सुबूत है ये मोहब्बत की सादा-लौही का
जब उस ने वादा किया हम ने ए'तिबार किया
इस दिल में तिरे हुस्न की वो जल्वागरी है
जो देखे है कहता है कि शीशे में परी है
-
टैग : हुस्न
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
इस दिल में तिरे हुस्न की वो जल्वागरी है
जो देखे है कहता है कि शीशे में परी है
-
टैग : हुस्न
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
आड़े आया न कोई मुश्किल में
मशवरे दे के हट गए अहबाब
-
टैग : अहबाब
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
आड़े आया न कोई मुश्किल में
मशवरे दे के हट गए अहबाब
-
टैग : अहबाब
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
वो करें भी तो किन अल्फ़ाज़ में तेरा शिकवा
जिन को तेरी निगह-ए-लुत्फ़ ने बर्बाद किया
-
टैग : शिकवा
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
वो करें भी तो किन अल्फ़ाज़ में तेरा शिकवा
जिन को तेरी निगह-ए-लुत्फ़ ने बर्बाद किया
-
टैग : शिकवा
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
सोज़-ए-ग़म दे के मुझे उस ने ये इरशाद किया
जा तुझे कशमकश-ए-दहर से आज़ाद किया
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
सोज़-ए-ग़म दे के मुझे उस ने ये इरशाद किया
जा तुझे कशमकश-ए-दहर से आज़ाद किया
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
कोई आया तिरी झलक देखी
कोई बोला सुनी तिरी आवाज़
कोई आया तिरी झलक देखी
कोई बोला सुनी तिरी आवाज़
अब तक न ख़बर थी मुझे उजड़े हुए घर की
वो आए तो घर बे-सर-ओ-सामाँ नज़र आया
-
टैग : घर
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
अब तक न ख़बर थी मुझे उजड़े हुए घर की
वो आए तो घर बे-सर-ओ-सामाँ नज़र आया
-
टैग : घर
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
फ़ुग़ाँ कि मुझ ग़रीब को हयात का ये हुक्म है
समझ हर एक राज़ को मगर फ़रेब खाए जा
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
फ़ुग़ाँ कि मुझ ग़रीब को हयात का ये हुक्म है
समझ हर एक राज़ को मगर फ़रेब खाए जा
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
इतना मानूस हूँ फ़ितरत से कली जब चटकी
झुक के मैं ने ये कहा मुझ से कुछ इरशाद किया?
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
इतना मानूस हूँ फ़ितरत से कली जब चटकी
झुक के मैं ने ये कहा मुझ से कुछ इरशाद किया?
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड