वैलेंटाइन डे पर चित्र/छाया शायरी

इस ख़ूबसूरत काव्य-संग्रह

में इश्क़ के हर रंग, हर भाव और हर एहसास को अभिव्यक्त करने वाले शेरों को जमा किया गया है.आप इन्हें पढ़िए और इश्क़ करने वालों के बीच साझा कीजिए.

इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से

तुम को आता है प्यार पर ग़ुस्सा

कोई समझे तो एक बात कहूँ

कोई समझे तो एक बात कहूँ

होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है

इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से

तुम फिर उसी अदा से अंगड़ाई ले के हँस दो

अच्छा ख़ासा बैठे बैठे गुम हो जाता हूँ

अच्छा ख़ासा बैठे बैठे गुम हो जाता हूँ

ज़िंदगी यूँही बहुत कम है मोहब्बत के लिए

इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से

जो कहा मैं ने कि प्यार आता है मुझ को तुम पर

अच्छा ख़ासा बैठे बैठे गुम हो जाता हूँ

होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है

तुम फिर उसी अदा से अंगड़ाई ले के हँस दो

कोई समझे तो एक बात कहूँ

शब-ए-विसाल है गुल कर दो इन चराग़ों को

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