अंगड़ाई पर 20 बेहतरीन शेर
शायर और रचनाकारों की
कल्पना-शक्ति ने बदन की साधारण और सामान्य क्रियाओं को भी हुस्न के दिलचस्प आख्यान में रूपांतरित कर दिया है । असल में अंगड़ाई बदन की साधारण और सामान्य क्रियाओं में से एक है लेकिन शायरों ने अलग से इसके सौन्दर्यशास्त्र की पूरी किताब लिख दी है और अपने ज़हन की ज़रख़ेज़ी और उर्वरता का अदभूत एवं अद्भुत सबूत दिया है । अंगड़ाई के संदर्भ में उर्दू शायरी के कुछ हिस्से तो ऐसे हैं कि मानोअंगड़ाई ही हुस्न की पूरी तस्वीर हो । अपने महबूब की अंगड़ाई का नज़ारा और उसकी तस्वीर बनाती हुई चुनिंदा शायरी का एक संकलन यहाँ प्रस्तुत किया जा रहा है ।
टॉप 20 सीरीज़
- 20 बेहतरीन प्रेरणादायक शेर
- अंगड़ाई पर 20 बेहतरीन शेर
- अख़बार पर 20 बेहतरीन शेर
- अदा पर 20 बेहतरीन शेर
- आँख पर 20 बेहतरीन शेर
- आँसू पर 20 बेहतरीन शेर
- आईने पर 20 बेहतरीन शेर
- आदमी/इंसान शायरी
- इन्तिज़ार शायरी
- इश्क़ पर 20 बेहतरीन शेर
- उदास शायरी
- किताब शायरी
- ख़ामोशी पर शायरी
- चाँद पर 20 बेहतरीन शेर
- ज़िन्दगी शायरी
- जुदाई पर 20 बेहतरीन शेर
- ज़ुल्फ़ शायरी
- टूटे हुए दिलों के लिए 20 बेहतरीन शेर
- तन्हाई पर शेर
- तस्वीर पर 20 बेहतरीन शेर
- दर्द शायरी
- दिल शायरी
- दीदार पर शायरी
- दुआ पर 20 बेहतरीन शेर
- दुनिया शायरी
- दोस्त/दोस्ती शायरी
- धोखा पर 20 बेहतरीन शेर
- नए साल पर बेहतरीन शेर
- नुशूर वाहिदी के 20 बेहतरीन शेर
- फूल शायरी
- बारिश पर 20 बेहतरीन शेर
- बोसे पर 20 बेहतरीन शेर
- मुलाक़ात शायरी
- मुस्कुराहट शायरी
- मौत शायरी
- याद शायरी
- रेलगाड़ियों पर 20 बेहतरीन शेर
- वक़्त शायरी
- वफ़ा शायरी
- विदाई शायरी
- विसाल शायरी
- शराब शायरी
- सफ़र शायरी
- सर्वाधिक उद्धरित किए जाने वाले 20 बेहतरीन शेर
- स्वागत शायरी
- हुस्न शायरी
- होंठ पर शायरी
अब भी बरसात की रातों में बदन टूटता है
जाग उठती हैं अजब ख़्वाहिशें अंगड़ाई की
-
टैग्ज़: अंगड़ाईऔर 1 अन्य
अंगड़ाई भी वो लेने न पाए उठा के हाथ
देखा जो मुझ को छोड़ दिए मुस्कुरा के हाथ
-
टैग्ज़: अंगड़ाईऔर 3 अन्य
इलाही क्या इलाक़ा है वो जब लेता है अंगड़ाई
मिरे सीने में सब ज़ख़्मों के टाँके टूट जाते हैं
-
टैग्ज़: अंगड़ाईऔर 1 अन्य
तुम फिर उसी अदा से अंगड़ाई ले के हँस दो
आ जाएगा पलट कर गुज़रा हुआ ज़माना
-
टैग्ज़: अंगड़ाईऔर 2 अन्य
सुन चुके जब हाल मेरा ले के अंगड़ाई कहा
किस ग़ज़ब का दर्द ज़ालिम तेरे अफ़्साने में था
-
टैग्ज़: अंगड़ाईऔर 1 अन्य
कौन ये ले रहा है अंगड़ाई
आसमानों को नींद आती है
Interpretation:
Rekhta AI
कवि साधारण-सी अंगड़ाई को बहुत बड़ा, ब्रह्मांड-सा असर देने वाली घटना बना देता है। आसमानों को नींद आना मानवीकरण है: जैसे किसी की हल्की-सी हरकत या रात की शांति से पूरे वातावरण पर सुस्ती और मिठास छा गई हो। इसमें चकित करने वाली कल्पना और प्रेम की नर्म-सी अनुभूति है।
Interpretation:
Rekhta AI
कवि साधारण-सी अंगड़ाई को बहुत बड़ा, ब्रह्मांड-सा असर देने वाली घटना बना देता है। आसमानों को नींद आना मानवीकरण है: जैसे किसी की हल्की-सी हरकत या रात की शांति से पूरे वातावरण पर सुस्ती और मिठास छा गई हो। इसमें चकित करने वाली कल्पना और प्रेम की नर्म-सी अनुभूति है।
-
टैग: अंगड़ाई
दिल का क्या हाल कहूँ सुब्ह को जब उस बुत ने
ले के अंगड़ाई कहा नाज़ से हम जाते हैं
Interpretation:
Rekhta AI
इस शेर में सुबह का समय बिछोह का समय बन जाता है। “बुत” से प्रिय की बहुत सुंदरता के साथ उसकी ठंडक भी झलकती है। उसकी आराम से ली हुई अंगड़ाई और नखरे भरा “मैं जाती हूँ” विदाई को और तीखा बना देता है, मानो दर्द के सामने उसकी अदा खड़ी हो। भाव यह है कि प्रेमी बेबस होकर टूट जाता है।
Interpretation:
Rekhta AI
इस शेर में सुबह का समय बिछोह का समय बन जाता है। “बुत” से प्रिय की बहुत सुंदरता के साथ उसकी ठंडक भी झलकती है। उसकी आराम से ली हुई अंगड़ाई और नखरे भरा “मैं जाती हूँ” विदाई को और तीखा बना देता है, मानो दर्द के सामने उसकी अदा खड़ी हो। भाव यह है कि प्रेमी बेबस होकर टूट जाता है।
-
टैग्ज़: अंगड़ाईऔर 2 अन्य
दरिया-ए-हुस्न और भी दो हाथ बढ़ गया
अंगड़ाई उस ने नश्शे में ली जब उठा के हाथ
-
टैग: अंगड़ाई
बे-साख़्ता बिखर गई जल्वों की काएनात
आईना टूट कर तिरी अंगड़ाई बन गया
-
टैग्ज़: अंगड़ाईऔर 1 अन्य